आओ  नए  वर्ष पर नए भारत का निर्माण करे

आओ नए वर्ष पर नए भारत का निर्माण करे

             आओ  नए  वर्ष पर नए भारत का निर्माण करे ! पिछले 2 वर्षो में  राष्ट्र के महत्वपूर्ण  मुद्दों पर जनता का आक्रोश देखने को मिला है ...

  महिला उत्पीडन     कैसे  रुके दुष्कर्म

महिला उत्पीडन कैसे रुके दुष्कर्म

                   महिला उत्पीडन     कैसे  रुके दुष्कर्म लड़कियों, स्त्रियों को आए दिन जिस यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है,  महिलाओं के सा...

  युवा पीढ़ी को संस्कारित करे

युवा पीढ़ी को संस्कारित करे

     युवा पीढ़ी को संस्कारित करे यह युग भोतिकता का युग है !जिसमे हमारी युवा  पीढ़ी आध्यात्मिकता पर नेतिक मूल्यों से अनभिज्ञ होकर संस्कार विही...

 मकर   संक्रांति         जयपुर में  पतंग और मंजा

मकर संक्रांति जयपुर में पतंग और मंजा

      मकर   संक्रांति         जयपुर में  पतंग और मंजा त्यौहार के देश का एक और त्यौहार है मकर संक्रांति  ! यह त्यौहार देश के हिस्सों मैं अलग...

रिश्ते

                                                             रिश्ते आज हम भोतिक्तावादी एवं  अर्थिक  युग मे एक प्रतिस्पर्धा के रूप में अपम...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मायने क्या है ?

    अभिव्यक्ति की   स्वतंत्रता  के मायने क्या है ? अभिव्‍यक्‍ित की स्‍वतंत्रता अपने भावों और विचारों को व्‍यक्‍त करने का एक राजनीतिक अधि...

कन्या भ्रूण हत्या , बदले सोच

        कन्या भ्रूण हत्या   ,  बदले सोच आज हम आये दिन कन्या  भ्रूण  हत्या के बारे  मे  रात  दिन खबरे पढ़ते और  सुनते रहते है ! अहिंसा सब...

महिला उत्पीडन

              महिला  उत्पीडन आज महिलाओ की ये हालत हो गई  है की वो घर या  बाहर  कही भी  सुरक्षित नहीं रह गयी ! खुली आँखों से भविष्य के सपन...

स्त्री मेरी एक कविता

         स्त्री     मेरी एक कविता                                                         नारी  क्या है  दैवी है  शक्ति है सबला है सौं...

कविता प्यार

       कविता          प्यार क्या  प्यार  इतना  प्यारा होता है राह    दिखता हुआ विश्वास जगाता हुआ आशा और उम्मीद बनके जीवन मे सहारा...

जिंदगी

                                                 जिंदगी  जिंदगी मै तुमसे क्या कहू तुमने कितने रंग मुझमे भर  दिए नया विश्वास दिया, नया अहस...

अपने

                                                             अपने बचपन मे किसी को नाराज कर देते थे तो गले मे बांहे डालकर  मनाते थे  लेकि...

संवेदना

                                                                       संवेदना  क्या करू इन संवेदनाओ का  इन अहसासों  का जो मेरे दर्द को ...

लोकतंत्र

                                            लोकतंत्र यदि हमारा लोकतंत्र  गलत दिशा मे जा रहा है तो उसे सही दिशा देने का दायित्व किसका है...

लिखने से मिलता है सुकुन

          लिखने से मिलता है सुकुन मे लिखने को कभी अपने आप  से रोक नहीं पाई क्युकि लिखने से मुझे सुकून मिलता है या यू कहो की हालत की बेच...

लेख आज कि स्त्री - बदलती सूरत !

                   लेख            आज  कि स्त्री - बदलती सूरत  ! स्त्री के बारे मे साहित्य मे इतना  लिखा  गया कि शब्द कम पड़ गए ! स्त्र...